• “SOLICITOR FRIEND”

    I wonder ever this change in me Loss of courage,wherefore is the key Definitely there there were hesitations No new step gave me relaxation Yet there was a calm all over A quiet strong was the cover You and your strength took care Everything around me was bare Problems that rose to frighten Your presence…

  • Wah Kaali badri aayee hai!

    नटखट नवेली चुपके से बिजली बिंदी चमकाई है उडते हुये परिंदों के पंखों मे जा, यहसमाई है यहाँ छमछम यह करती, वहाँ रुनझुन बरसाती है रवि किरणों के संग कहीं, अधीर हो मुस्काती है कहीं लहरा कर चदरिया नीली, सपने कई सजाती है हरी बनी वसुधा पर फिर रसीली फुहार बरसाती है। कहीं मचलती, कभी…

  • Barkha bawri

    मचल मचल कर वह बांवरी, यूं बरसने आई है ढक गया नीलनभ भी, धुंध श्याम छवि लाई है। खो गई डालियां, कलियां कोमलांगी झड गई हैं। प्रीत अनोखी, धरा-गगन की, रास रंग की छाई है। कतारों मे चल रहीं,रंगीली जुगनुओं सी गाडिय़ां । सरसराती, कभी सरकती, झुनझुनाती पैजनियां । देखो कैसी रुनकझुनक, मस्ती संग ले…

  • Kadam jab udthe hain

    कदम जब भी उढते है, और रास्ते पर लोग दीखते हैं। जाने क्यों, भ्रम सा हो जाता है, उम्मीद से, आंखें आगे तकने लगती। न चाहते, ख्वाहिश सी जाग जाती है। फिर से बरबस, ईक बेचैनी छाती है। गुजरते काफिले में ढूंढने लगती हैं, आस संजोए दो खुली पुतलियाँ, खो गए अचानक जो, उन्हीं को!…